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कार्य की चिंता:- क्या आप भी इससे पीड़ित ।

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कार्य की चिंता:- क्या आप भी इससे पीड़ित ।

यह हर व्यक्ति को कहा जाता है कि हमें किसी भी वक्त चिंता नहीं करनी चाहिए, हमेशा खुश रहना चाहिए । परन्तु यह भी जीवन का परम सत्य है कि प्रत्येक व्यक्ति जीवन के हर पढाव पर खुश नहीं रह पाता । चिंता इंसान के  साथ ही जन्म लेती है और इंसान के साथ अंतिम यात्रा भी पर करती है । इसी चिंता में कार्य की चिंता का भी स्थान है । कार्य की चिंता के कई कारण होते हैं जैसे कि दूसरे व्यक्ति से ईर्ष्या की भावना का उत्पन्न होना, हमेशा अव्वल दिखने या दिखाने का दबाव या जब कार्य स्वयं को संतुष्टि न देने में असमर्थ हो तो व्यक्ति कार्य को अपने ऊपर दबाव बना लेता है । अगर आपको भी कार्य की चिंता है तो निम्मनलिखित पढ़े । 

कैसे पहचाने आप पीड़ित है कार्य की चिंता से 

कार्य की चिंता हर किसी में अलग तरह से व्यक्त होती है। लेकिन यहाँ कुछ सामान्य लक्षण हैं:

  • डर की भावना, कि कुछ गलत है या होने वाला है ।
  • दिनचर्या पर जुनून, जो आपको अपने स्थान या कार्यों / जिम्मेदारियों पर अति-नियंत्रित कर सकता है ।
  • तीव्र ध्यान जो अचानक ध्यान केंद्रित करने और कार्य पर बने रहने में असमर्थता बन सकता है ।

यदि आपका व्यवहार नौकरी पर बदल गया है, या आप नियमित रूप से उपरोक्त लक्षणों में से किसी का अनुभव करते हैं, तो आपको कार्य की चिंता हो सकती है।

हर कोई जानता है कि चिंता करना किसी के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन जीवन के प्रत्येक चरण में लोग विभिन्न कारणों से चिंतित हैं और काम से संबंधित चिंताएं हर किसी के जीवन में काफी स्पष्ट हैं। लेकिन कालदान अपने ब्लॉग में आपको इसे पहचानने और फिर छुटकारा पाने के टिप्स देती है। अभी ब्लॉग पढ़ें और अपनी प्रतिक्रिया और प्रश्न छोड़ दें।

सहायक रणनीतियां 

रवि मेरे सीनियर मेरे एक पूर्व सहयोगी, ने अपने करियर के अधिकांश भाग को काम करने में बिताया। वह लगातार अपने प्रदर्शन को लेकर चिंतित रहते थे और अक्सर नौकरी के दबाव से परेशान रहते थे । जैसे ही जीना की चिंता उसके काम में बाधा डालने लगी, जिससे उसका ध्यान भटक गया और समय सीमा समाप्त हो गई, यह स्पष्ट हो गया कि उसे सहायता प्राप्त करने की आवश्यकता है। यदि आप 40 मिलियन लोगों में से एक हैं, जो रवि जी जैसी चिंता के साथ रह रहे हैं, तो आप जानते हैं कि आम कार्यालय की स्थितियों – लिफ्ट में सह-कर्मियों से बात करने से लेकर बैठक में बोलने तक की कोई भी चीज़ – तनाव को बढ़ा सकती है। 

उसको पहचानें जो आपको चिंतित करें

उन स्थितियों पर ध्यान दें जो आपकी चिंता को बढ़ाती हैं । वह कार्य की चिंता के रूप भी हो सकते हैं या किसी के प्रति ईर्ष्या का उतपन्न होना या कार्य मे मन न लगना । इसको जानने के लिए आप अपने अंदर लिखने की भावना को उतपन्न करें । हर दिन बिस्तर पर जाने से पहले अपने दिनचर्या के बारे में लिखें जिसके तहत आप अपने कार्य की चिंता का पैटर्न जानने का मौका मिलेगा । 

स्वास्थ एवं अपनों से रिश्ता जोड़े

ध्यान, स्ट्रेचिंग, किसी दोस्त को बुलाना, या टहलने जाना सभी बेहतरीन विकल्प हैं। आपको यह जानना होगा कि आपके व्यक्तित्व के आधार पर आपके लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है और आपके कार्यालय के वातावरण में क्या स्वीकार्य है, लेकिन यह सूची शुरू करने के लिए एक शानदार जगह है। आपकी कंपनी भले ही माइंडफुलनेस या योग्य क्लासेस की पेशकश कर सकती है, या उत्पादकता के लिए पावर नैपिंग को प्रोत्साहित कर सकती है । ये सभी स्व-देखभाल विकल्प हैं जो चिंतित मन को बहुत लाभ पहुंचा सकते हैं।

यदि आपको कार्य की चिंता से पूर्ण रूप से सहायता चाहिए तो आप Kaldan Doma जी से सम्पर्क कर सकते हैं । इस मेल पर info@kaldandoma.com पर। 

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